मंत्री ने कहा कि जिस पत्र को सोशल मीडिया में वायरल किया जा रहा है, वह उनका है ही नहीं। उन्होंने कहा कि “मैं हिंदू धर्म के ब्राह्मण जाति से हूँ और मस्जिद निर्माण जैसा कोई काम मैं कैसे कर सकता हूँ?” मंत्री बोले कि यह मेरी छवि को खराब करने के आशय से किया गया है।
उन्होंने बताया कि 2009 में मैं विधायक था और तब मैं कैसे उत्तराखंड सरकार के प्रतीक चिन्ह को प्रयोग कर सकता था, जबकि वायरल पत्र में जो लेटर पैड है, उसमें उत्तराखंड सरकार लिखा है। मंत्री बोले, विधायक रहते हुए मैंने विधानसभा से जारी “सदस्य, विधानसभा उत्तराखंड” का क्रमांक सहित पत्र प्रयोग किया गया।
उन्होंने कहा कि यह किसी बड़ी साजिश के तहत कूटनीति की गई है और इसके लिए मैंने एमडीडीए के वीसी को वायरल पत्र के आधार पर अज्ञात के ख़िलाफ़ एफ़आइआर दर्ज करने के निर्देश दिए।
